Saturday, October 10, 2026

देख तरक्की जलता होगा

 


मौन ये अक्सर‌ खलता होगा

कुछ तो अंदर पलता होगा

जब से उडना सीखा लिया है

कब पांवों पर चलता होगा

कल तक रिश्ते नाते सब थे

देख तरक्की जलता होगा

इस किस्मत‌ के खेल अनोखे

चढता सूरज ढलता होगा

बढी उम्र मे छूटे रिश्ते

कैसे वक्त निकलता होगा

ये दुनियां भी एक पगडंडी

गिरता कभी सम्भलता होगा

सब अपनी परिधि मे घिरे है

खुद को कौन बदलता होगा

मेरा दुःख बस "धीर" मेरा है

सुनकर कौन पिघलता होगा

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देख तरक्की जलता होगा

  मौन ये अक्सर‌ खलता होगा कुछ तो अंदर पलता होगा जब से उडना सीखा लिया है कब पांवों पर चलता होगा कल तक रिश्ते नाते सब थे देख तरक्की जलता होगा ...