दूसरों के कद पे लहजा यूं लगाना छोड दे
बेवक्त ही गिर जायेगा यूं डगमगाना छोड दे
चाहे थोडी रख मगर पहचान अपनी चाहिये
अपने चेहरे पर यूं चेहरा अब लगाना छोड दे
"धीर"
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हाकिम है लाजवाब मगर चमचों से घिरे है.. इस दौरे चापलूसी मे दिन किसके फिरे है.. वो देखते उतना ही है जितना ये दिखाते.. वो मिलते है उनसे ही जिनस...
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