पढना है तो खुद को पढलों,
मृग मारीचा छोड जरा..
सब दुनियां की भूल भुलैयां
कौन है खोटा कौन खरा..
मतलब के मोहजाल निगलते
सम्बंधों की परिपाटी..
उजियारों को नजर लगी है
अंधिकारों से जगत भरा..
"धीर"
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गौवंश के हालातो पर गौ वंश की पुकार..... तर्ज़ : कस्मे वादे प्यार वफा सब कटती गऊए तुम्हे पुकारे श्याम सलौने आओ रे संकट में गौ वंश गोपाला आकर ...
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