Thursday, December 29, 2016

जीवन ‌कृति

‌जीवन के लम्बे अभिनय मे अनेकों किरदारों को निभाया। कभी गायन तो कभी साहित्य सृजन तो कभी पत्रकारिता जैसे चुनौती पूर्ण कार्य की कसौटी । हर बार ,हर रुप मे मुझे आपका सहयोग, आशीष, प्रेम सतत, अविरल मिलता रहा। आप सभी का आभार एवं मेरी कृति आपको समर्पित ।

No comments:

हाकिम जी सुनो...

हाकिम है लाजवाब मगर चमचों से घिरे है.. इस दौरे चापलूसी मे दिन किसके फिरे है.. वो देखते उतना ही है जितना ये दिखाते.. वो मिलते है उनसे ही जिनस...